क्यों हैं हमें बडे संरक्षण प्रणाली की जरूरत ?
दुनिया में कई देश अपनी संरक्षण क्षमता को इस हद तक बढ़ा चुके हैं कि अपने प्रतिस्पर्धी या दुश्मन देश की हर चाल को नाकाम करने या उसपर नज़र रखने के लिए अंतरिक्ष में कई सैटेलाइट छोड़ रखे हैं। कई ग्रहों पर देशों ने अपना आना जाना भी शुरू कर दिया है। इस पर एक होड़ सी मची हुई है।
एक ख़तरा जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है पर अबतक उस पर ज्यादा गौर नहीं किया है, वह हैं क्षुद्र ग्रह। नाम से इसका ज्यादा महत्व नहीं दिखाई देता, पर वे अब अपना महत्व दुनिया को दिखा रहे हैं। इस विषय में SpaceX के सीईओ एलोन मस्क ने जानकारी साझा की हैं।
एलोन मस्क ने एक ट्वीट करते हुए कहा है और इस बात की पुष्टि की है कि, पृथ्वी के संरक्षण के लिए बड़े रॉकेटों की आवश्यकता आन पड़ी है। हाल ही में, नासा ने एक क्षुद्रग्रह का अनुकरण किया लेकिन वैज्ञानिक निर्धारित समय अवधि में प्रभाव से बचने के लिए कोई समाधान नहीं निकाल पाए, और यही विषय चिंता का कारण बना हुआ है।
वर्तमान संसाधनों के चलते एक क्षुद्रग्रह को पृथ्वी से टकराने से नहीं रोका जा सकता। एक रिपोर्ट अनुसार जो द बिजनेस इनसाइडर में छपा है, उसमें कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियों के विशेषज्ञों का एक समूह सप्ताह भर के इस विषय के अभ्यास में शामिल हुआ था। इसमें, उन्हें एक काल्पनिक स्थिति दी गई थी कि 35 मिलियन मील दूर एक क्षुद्रग्रह ग्रह के निकट आ रहा है, इसके अलावा, काल्पनिक स्थिति यह थी कि क्षुद्रग्रह छह महीने के भीतर पृथ्वी से टकरा सकता है।
इस समूह ने निर्धारित किया कि पृथ्वी की कोई भी मौजूदा तकनीक काल्पनिक क्षुद्रग्रह को पृथ्वी से टकराने से नहीं रोक सकती है। आगे यह भी बताया गया कि एक वैकल्पिक वास्तविकता में, सिम्युलेटेड क्षुद्रग्रह पूर्वी यूरोप में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
नासा के प्लैनेट सुरक्षा अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि असंख्य ऐसे क्षुद्रग्रह है जो कक्षा में तैर रहे हैं, भविष्य में कई ऐसे क्षुद्रग्रहों का पृथ्वी से सामना हो सकता है जो पृथ्वी को बड़ा नुकसान पहुंचाने की शक्ति रखते हैं, उनको रोकने के लिए हमारे पास ऐसे शक्तिशाली रॉकेट उपलब्ध नहीं हैं। जिस पर हमें काम करने की ज़रूरत है।
एक ख़तरा जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है पर अबतक उस पर ज्यादा गौर नहीं किया है, वह हैं क्षुद्र ग्रह। नाम से इसका ज्यादा महत्व नहीं दिखाई देता, पर वे अब अपना महत्व दुनिया को दिखा रहे हैं। इस विषय में SpaceX के सीईओ एलोन मस्क ने जानकारी साझा की हैं।
एलोन मस्क ने एक ट्वीट करते हुए कहा है और इस बात की पुष्टि की है कि, पृथ्वी के संरक्षण के लिए बड़े रॉकेटों की आवश्यकता आन पड़ी है। हाल ही में, नासा ने एक क्षुद्रग्रह का अनुकरण किया लेकिन वैज्ञानिक निर्धारित समय अवधि में प्रभाव से बचने के लिए कोई समाधान नहीं निकाल पाए, और यही विषय चिंता का कारण बना हुआ है।
वर्तमान संसाधनों के चलते एक क्षुद्रग्रह को पृथ्वी से टकराने से नहीं रोका जा सकता। एक रिपोर्ट अनुसार जो द बिजनेस इनसाइडर में छपा है, उसमें कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियों के विशेषज्ञों का एक समूह सप्ताह भर के इस विषय के अभ्यास में शामिल हुआ था। इसमें, उन्हें एक काल्पनिक स्थिति दी गई थी कि 35 मिलियन मील दूर एक क्षुद्रग्रह ग्रह के निकट आ रहा है, इसके अलावा, काल्पनिक स्थिति यह थी कि क्षुद्रग्रह छह महीने के भीतर पृथ्वी से टकरा सकता है।
इस समूह ने निर्धारित किया कि पृथ्वी की कोई भी मौजूदा तकनीक काल्पनिक क्षुद्रग्रह को पृथ्वी से टकराने से नहीं रोक सकती है। आगे यह भी बताया गया कि एक वैकल्पिक वास्तविकता में, सिम्युलेटेड क्षुद्रग्रह पूर्वी यूरोप में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
नासा के प्लैनेट सुरक्षा अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि असंख्य ऐसे क्षुद्रग्रह है जो कक्षा में तैर रहे हैं, भविष्य में कई ऐसे क्षुद्रग्रहों का पृथ्वी से सामना हो सकता है जो पृथ्वी को बड़ा नुकसान पहुंचाने की शक्ति रखते हैं, उनको रोकने के लिए हमारे पास ऐसे शक्तिशाली रॉकेट उपलब्ध नहीं हैं। जिस पर हमें काम करने की ज़रूरत है।


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