कैसे मानव मस्तिष्क होलोग्राफिक होते है?
होलोग्राफिक मेमोरी एक सूचना संग्रहण का एक रूप है, जहाँ सूचनाओं के दो टुकड़ों को सहेज कर उन्हें एक दूसरे के साथ जोड़कर पुनः प्राप्त किया जाता है, जैसे कि पैटर्न का कोई भी भाग, जिसमें पैटर्न के किसी भी भाग में दोनों होते हैं और या तो टुकड़े का उपयोग किया जा सकता है दूसरे को पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
मेमोरी होलोग्राफिक है, जिसका मस्तिष्क में कोई सटीक स्थान नहीं है। सिद्धांत रूप में, किसी भी न्यूरॉन के पास कुछ अल्पविकसित, मुक्त-संघ सॉफ्टवेयर के माध्यम से किसी भी मेमोरी से लिंक रखने की क्षमता होती है। किसी भी मस्तिष्क कोशिका में बचपन के खिलौने की स्मृति, पड़ोस के बारबेक्यू की गंध, या रोमांटिक मुलाक़ात का स्पर्श भी शामिल हो सकता है।
जब वैज्ञानिक ब्रह्मांड के होलोग्राफिक होने की बात करते हैं, तो इसे 'एक महान दिमाग' माना जा सकता है, जिसमें हम सचेत, जीवित और विचार प्रक्रियाओंको जीवित पाते हैं।
मेमोरी होलोग्राफिक है, जिसका मस्तिष्क में कोई सटीक स्थान नहीं है। सिद्धांत रूप में, किसी भी न्यूरॉन के पास कुछ अल्पविकसित, मुक्त-संघ सॉफ्टवेयर के माध्यम से किसी भी मेमोरी से लिंक रखने की क्षमता होती है। किसी भी मस्तिष्क कोशिका में बचपन के खिलौने की स्मृति, पड़ोस के बारबेक्यू की गंध, या रोमांटिक मुलाक़ात का स्पर्श भी शामिल हो सकता है।
जब वैज्ञानिक ब्रह्मांड के होलोग्राफिक होने की बात करते हैं, तो इसे 'एक महान दिमाग' माना जा सकता है, जिसमें हम सचेत, जीवित और विचार प्रक्रियाओंको जीवित पाते हैं।


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