कैसे रोका जाए इंटरनेट के ग़लत इस्तेमाल को ?

  कोरोना काल में साइबर क्राइम में करीब 320% की बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें पैसों के अपराधों के साथ साथ आतंवादियों द्वारा ड्रग्स ट्रैफिकिंग के लिए भी इंटरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसी काल में इस्तेमाल किया जाना दुनिया के लिए ख़तरे की घंटी बजा रहा है।

  आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट के दुरुपयोग से उत्पन्न अनेक चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अच्छी प्रथाओं को साझा करने पर प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है, इसी दिशा में भारत द्वारा एक कदम बढ़ाते हुए इसी विषय पर ब्रिक्स देश संगोष्ठी का आयोजन 13&14 अप्रैल को किया गया।

  जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चाइना और दक्षिण अफ़्रीका देशों के प्रतिनिधि  ऑनलाइन मीटिंग के सहभागी बने। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा इसका आयोजन किया गया।आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग और आतंकवादी जांच में डिजिटल फोरेंसिक की भूमिका ’का उद्घाटन केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला द्वारा किया गया।
  सहभागी देशों के प्रतिनिधियों ने इस तथ्य की सराहना की कि ब्रेकनेक तकनीकी नवाचारों और कभी-कभी विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य के वर्तमान परिवेश में, इंटरनेट का दुरुपयोग करने वाले आतंकवादियों की रोकथाम, उस पर नियंत्रण और अभियोजन से संबंधित चुनौतियां बहुत अधिक हैं।" इस विषय में आतंकवादियों द्वारा रोज़ नए नए हथकंडे अपनाएं जाना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यदि दुनिया के सभी देशों में सूचना का आदान प्रदान होता है तो इंटरनेट के ग़लत इस्तेमाल पर काफ़ी हद तक पाबंदी लगाई जा सकती हैं। इस पर सभी सहभागी देशों ने सहमति जताई है।

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