WiFi वाईफाई तकनीक
इस तकनीक का इस्तेमाल WiFi किओस्क या हॉटस्पॉट की मदद से इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए किया जाता हैं।
वाईफाई वाई-फाई राउटर की मदद से रेडियो तरंगों का उपयोग कर डेटा प्रसारित करता है। इसमें पास के एक्सेस पॉइंट्स (रूटर्स) से हस्तक्षेप की समस्या होती है।
इसमें राउटर स्थापित करने की आवश्यकता होती है और सबस्क्राइबर डिवाइस जैसे कि लैपटॉप, पीडीए, डेस्कटॉप को एक स्टेशन के रूप में बदला जाता है।
यह हस्तक्षेप से संबंधित मुद्दों के कारण कम घनत्व वाले वातावरण में काम कर सकता है।
रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल को दीवारों (फायरवॉल) द्वारा अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है और इसलिए सुरक्षित डेटा हस्तांतरण प्राप्त करने के लिए तकनीकों को नियोजित करने की आवश्यकता होती है।
इसमें हस्तक्षेप अधिक है, यह समुद्र के पानी से नहीं गुजर सकता है और कम घनत्व वाले क्षेत्र में काम करता है।
वाईफाई वाई-फाई राउटर की मदद से रेडियो तरंगों का उपयोग कर डेटा प्रसारित करता है। इसमें पास के एक्सेस पॉइंट्स (रूटर्स) से हस्तक्षेप की समस्या होती है।
इसमें राउटर स्थापित करने की आवश्यकता होती है और सबस्क्राइबर डिवाइस जैसे कि लैपटॉप, पीडीए, डेस्कटॉप को एक स्टेशन के रूप में बदला जाता है।
यह हस्तक्षेप से संबंधित मुद्दों के कारण कम घनत्व वाले वातावरण में काम कर सकता है।
रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल को दीवारों (फायरवॉल) द्वारा अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है और इसलिए सुरक्षित डेटा हस्तांतरण प्राप्त करने के लिए तकनीकों को नियोजित करने की आवश्यकता होती है।
इसमें हस्तक्षेप अधिक है, यह समुद्र के पानी से नहीं गुजर सकता है और कम घनत्व वाले क्षेत्र में काम करता है।


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