क्या बिना श्वसन जिन्दा रह पाना संभव है ?
ताज़ी हवा को गहरी साँस में चूसने से अधिक संतोषजनक कुछ हो सकता है क्या ? पर दुर्भाग्य से, स्वच्छ हवा को खोजने के लिए हमें आजकल कई सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से चीन और भारत जैसे ज्यादा आबादी वाले औद्योगिक देश स्मॉग और पार्टिकुलेट के बादलों में घुट रहे हैं। पिछले दो सालों में दिल्ली जैसे शहर का AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) कभी नॉर्मल नहीं पाया गया। यह एक हमारे लिए खतरे की घंटी है।
इस समस्या के हल के लिए वैज्ञानिकों द्वारा एक संशोधन किया गया, जिसमें सफलता हाथ लगी है। पृथ्वी पर जीवन संभव हो सकता है यदि हवा वास्तव में बिना सांस के मिल जाए। अध्ययन में ऑक्सीजन गैस से भरे माइक्रो पार्टिकल के विकास का वर्णन किया गया है, जो हमें बिना श्वसन के जीवित रखने में सक्षम है, याने सांस लेने की शारीरिक क्रिया किए बिना भी हम जिंदा रह सकते हैं। रक्त प्रवाह में इस ऑक्सीजन भरे माइक्रो पार्टिकल को इंजेक्ट करके शरीर को कार्यरत रखा जा सकता है। इस तरह का प्रयोग एक खरगोश पर जिसकी श्वसन नलिका पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी थी, उस पर किया गया। जो ऑक्सीजन पार्टिकल को एक बार इंजेक्ट करने के बाद 15 मिनिट तक जी सका था। इस क्रिया को निर्धारित काल में बार बार करने पर शरीर को ऑक्सीजन मिलती है बिना शारीरिक श्वसन के। ऑक्सीजन पार्टिकल्स को रेड ब्लड में मिलते ही 70% ऑक्सीजन 4 सेकंड के अंदर प्रवाहित होने लगता है।


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