फ़ेसबुक का टूल.....'दिमाग़ पढ़ने' वाला ?
इस उधेडबुन भरी दुनिया में किसी के पास वक्त नहीं है। इन्सान हर चीज़ की जानकारी तो रखना चाहता है लेकिन वक्त की कमी के कारण पॉसिबल नहीं हो पाता। वैसे ही, न्यूज़ तो पढ़ना हैं लेकिन बहोत बड़ी होने कि वजह से वक्त नहीं निकाल पाते। इस बात के हल के लिए भी संशोधको का हमेशा ध्यान बना रहा है।
इसी बीच बजफीड़ की रिपोर्ट के अनुसार फ़ेसबुक इस साल के अंत में अपने कर्मचारियों के साथ एक इंटरनल मीटिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट टूल टीडीएलआर (TDLR - Too Long didn't Read) पेश किया है जो बड़ी खबर को छोटा करके उसका सार तैयार करेगा। यह टूल बड़े न्यूज़ आर्टिकल को बुलेट पॉइंट्स में तोडेगा ताकि यूजर को पूरा आर्टिकल पढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। फ़ेसबुक इस उपलब्धि की मदद से लोगों( ख़ासकर फ़ेसबुक यूजर्स ) की सोच को डिटेक्ट करके उसे एक्शन में तब्दील कर सकता हैं।
ग़ौरतलब हैं की मार्च 2020 में फ़ेसबुक ने अपनी ब्लॉगपोस्ट में इस बात जिक्र किया था कि कंपनी एक ऐसा उपकरण बनाना चाहती है जो दिमाग़ को पढ़ सके और किसी भी शख्स के सोच को एक्शन में तब्दील किया जा सके। उसके पहले फ़ेसबुक ने 2019 में हि इस दिशा में काम प्रारंभ करके न्यूरल इंटरफ़ेस स्टार्टअप (CTRL) लैब्स का अधिग्रहण किया था। बजफीड न्यूज़ के इस रिपोर्ट पर फ़ेसबुक की ओर से अब तक कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है । ज्यादा जानकारी का इंतजार है।
इस दिशा में क्रांति की शुरुआत एलोन मस्क द्वारा स्थापित 'न्यूरालिंक' ने कि हैं। जिसके तहत ब्रेन रीडिंग चिप को इन्सान के दिमाग़ में फिट करके कंप्यूटर द्वारा आदेश के ज़रिए बहुत से काम किए जा सकते हैं। उसके द्वारा मरीजों का इलाज़ भी संभव हो पाएगा।


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