क्या आपकी प्राइवेसी ख़तरे में तो नहीं ?
आज कल डाटा चोरी की घटनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। ख़ासकर कोरोना काल में इन चीजों में 350 गुना बढ़ोतरी हुई हैं। यूजर्स की प्राइवेसी पर भी ख़तरा मंडराने लगा है। हाल ही में एक चौकाने वाली घटना सामने आई हैं। जो काफ़ी हैरान कर देने वाली हैं।
गूगल दुनियां की सबसे बड़ी और जानीमानी सॉफ्टवेयर कंपनी, और दुनियां की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेज़न के बारे में हैं। फ्रांस में डेटा निजता की निगरानी करने वाली संस्था सीएनआईएल ने गूगल पर 10 करोड़ यूरो (12.1 करोड़ डॉलर) और अमेज़न पर 3.5 करोड़ यूरो (4.2 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया है।
फ़्रांस की नेशनल कमीशन ऑन इंफोर्मेटिक्स एंड लिबर्टी (सीएनआईएल) ने एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियों की फ्रांसीसी वेबसाइट ने इंटरनेट उपभोक्ताओं से विज्ञापन उद्देश्यों के लिए ट्रैकर्स और कूकीज को पढ़ने की बिना पूर्वानुमति के ही ये कूकीज और ट्रैकर्स यूजर्स मोबाइल या कंप्यूटर में खुदबखुद सहेज ली जाती थी।
CNIL ने अपने बयान में कहा कि गूगल और अमेज़न उपभोक्ताओं को यह बताने में भी विफल रहीं कि वे कीस काम के लिए इन कूकीज का उपयोग करेंगी, और किस तरह उपभोक्ता इन कुकीज़ को मना कर सकते हैं।
CNIL ने बताया कि दोनों ही कंपनियों ने सितंबर के महीने में अपनी वेबसाइट में कुछ बदलाव किए थे जिसकी कभी भी जानकारी यूजर्स को कभी भी नहीं दी गई जो फ्रांस के साइबर नियमों के खिलाफ थे।
CNIL का आरोप है कि गूगल ने कूकीज की मदद से डाटा इकठ्ठा करके अनुचित प्रकार से कमाई कि हैं।
इसी तरह का काम अमेज़न भी किया हैं जिससे यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लघंन होता है।
इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए फ़्रांस के सीएनआईएल ने गूगल और अमेज़न को तीन महीने का समय दिया है। जिसमें इन दोनों कंपनियों को अपने काम के तरीकों में बदलाव करने के लिए कहा गया है और आगे से यूजर्स को बताने के लिए कहा गया है कि, वह किस तरह से कूकीज के लिए मना कर सकते है।
पहले पिछले साल दिसंबर में फ्रांस के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण ने ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में अपने वर्चस्व का गलत इस्तेमाल करने को लेकर गूगल पर 16.7 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। जो प्राधिकरण की ओर से गूगल पर लगाया गया पहला जुर्माना था।
इससे यूजर्स को एक सिख मिलती हैं कि किसी भी कुकीज़ को अनुमति देने के पूर्व यह पढ़ना ज़रूरी हैं कि कुकीज़ को कहा और किस बात के लिए इस्तेमाल किया जाना हैं। यदि इस बात को दर्शाया नहि जाएगा तो उस साइट से सचेत रहने की ज़रूरत होगी। ताकि अपनी प्राइवेसी सुरक्षित रखी जा सके।
गूगल दुनियां की सबसे बड़ी और जानीमानी सॉफ्टवेयर कंपनी, और दुनियां की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेज़न के बारे में हैं। फ्रांस में डेटा निजता की निगरानी करने वाली संस्था सीएनआईएल ने गूगल पर 10 करोड़ यूरो (12.1 करोड़ डॉलर) और अमेज़न पर 3.5 करोड़ यूरो (4.2 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया है।
फ़्रांस की नेशनल कमीशन ऑन इंफोर्मेटिक्स एंड लिबर्टी (सीएनआईएल) ने एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियों की फ्रांसीसी वेबसाइट ने इंटरनेट उपभोक्ताओं से विज्ञापन उद्देश्यों के लिए ट्रैकर्स और कूकीज को पढ़ने की बिना पूर्वानुमति के ही ये कूकीज और ट्रैकर्स यूजर्स मोबाइल या कंप्यूटर में खुदबखुद सहेज ली जाती थी।
CNIL ने अपने बयान में कहा कि गूगल और अमेज़न उपभोक्ताओं को यह बताने में भी विफल रहीं कि वे कीस काम के लिए इन कूकीज का उपयोग करेंगी, और किस तरह उपभोक्ता इन कुकीज़ को मना कर सकते हैं।
CNIL ने बताया कि दोनों ही कंपनियों ने सितंबर के महीने में अपनी वेबसाइट में कुछ बदलाव किए थे जिसकी कभी भी जानकारी यूजर्स को कभी भी नहीं दी गई जो फ्रांस के साइबर नियमों के खिलाफ थे।
CNIL का आरोप है कि गूगल ने कूकीज की मदद से डाटा इकठ्ठा करके अनुचित प्रकार से कमाई कि हैं।
इसी तरह का काम अमेज़न भी किया हैं जिससे यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लघंन होता है।
इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए फ़्रांस के सीएनआईएल ने गूगल और अमेज़न को तीन महीने का समय दिया है। जिसमें इन दोनों कंपनियों को अपने काम के तरीकों में बदलाव करने के लिए कहा गया है और आगे से यूजर्स को बताने के लिए कहा गया है कि, वह किस तरह से कूकीज के लिए मना कर सकते है।
पहले पिछले साल दिसंबर में फ्रांस के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण ने ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में अपने वर्चस्व का गलत इस्तेमाल करने को लेकर गूगल पर 16.7 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया था। जो प्राधिकरण की ओर से गूगल पर लगाया गया पहला जुर्माना था।
इससे यूजर्स को एक सिख मिलती हैं कि किसी भी कुकीज़ को अनुमति देने के पूर्व यह पढ़ना ज़रूरी हैं कि कुकीज़ को कहा और किस बात के लिए इस्तेमाल किया जाना हैं। यदि इस बात को दर्शाया नहि जाएगा तो उस साइट से सचेत रहने की ज़रूरत होगी। ताकि अपनी प्राइवेसी सुरक्षित रखी जा सके।


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